झारखंड की असली Tribal Art को कैसे पहचानें: शॉपिंग में असली और नकली कला का अंतर
झारखंड की Tribal Art भारत की सबसे प्राचीन और अनोखी कला शैलियों में से एक है। सोहराई, खोवर/कोहबर, पैटकर/पैतकर और धोकरा/डोकरा जैसी कला शैलियां सदियों से झारखंड की जनजातीय समाजों में बनाई जाती हैं। लेकिन आज के बाजार में झारखंड की असली Tribal Art को पहचानना बहुत मुश्किल हो गया है। बाजार में निकल रहे नकली और इमिटेशन कलाकारों से असली कला को कैसे अलग करें? यह जानना हर कला संग्रहीता, पर्यटक, और ऑनलाइन खरीदार के लिए जरूरी है।
इस लेख में हम आपको 7-10 व्यावहारिक टिप्स देंगे जो आपको झारखंड की असली Tribal Art की पहचान करने में मदद करेंगे।
झारखंड की प्रमुख Tribal Art शैलियां
झारखंड में चार प्रमुख Tribal Art शैलियां पाई जाती हैं:
सोहराई पेंटिंग (Sohrai Art)
सोहराई पेंटिंग कृषि हार्वेस्ट उत्सव के दौरान बनाई जाती है। इसमें लाल, काला और सफेद तीन मुख्य रंगों का उपयोग होता है। दीवारों पर बनाई जाने वाली यह कला nature और ज्योमेट्रिक पैटर्न से भरी है।
खोवर पेंटिंग (Khovar Art)
खोवर पेंटिंग विवाह उत्सव के दौरान बनाई जाती है। इसमें मुख्य रूप से काले और सफेद रंगों का उपयोग होता है। काला रंग गर्भाशय को और सफेद रंग शुक्राणु को दर्शाता है।
पैटकर पेंटिंग (Paitkar Art)
पैटकर पेंटिंग झारखंड के रायगुंज जिले में पाई जाती है। इसमें नटराज, शिव और पौराणिक कहानियों के डिजाइन बनाए जाते हैं। यह कला कागज पर बनाई जाती है।
धोकरा कला (Dhokra Craft)
धोकरा कला मिट्टी और धातु से बनाई जाने वाली कला है। इसमें मोती, ब्रोन्ज और अन्य धातुओं का उपयोग होता है। यह कला झारखंड के कई जिलों में पाई जाती है।
झारखंड की असली Tribal Art को पहचानने के 7-10 व्यावहारिक टिप्स
1. प्राकृतिक रंगों का उपयोग
झारखंड की असली Tribal Art में प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है। सही कला में लाल ओकर, पीला ओकर, काला मैंगनेस, सफेद कौलिन क्ले और चारकोल का उपयोग होता है। यदि कला में सिंथेटिक या केमिकल रंगों का उपयोग हो रहा है, तो वह नकली हो सकती है।
2. सामग्री की गुणवत्ता
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सोहराई और खोवर: मिट्टी, गाय के दुग्ध और प्राकृतिक क्ले का उपयोग
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पैटकर: कागज और प्राकृतिक रंग
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धोकरा: मिट्टी, ब्रोन्ज और अन्य धातुएं
3. कलाकार की हस्ताक्षर
असली कला में कलाकार का हस्ताक्षर या नाम लिखा होता है। यदि कला पर कोई हस्ताक्षर नहीं है, तो वह नकली हो सकती है। सामान्यतः असली डिज़ाइन में भी हस्ताक्षर या नाम कई बार नही भी लिखा होता है।
4. ज्योमेट्रिक और nature-बेस्ड मोटिफ्स
झारखंड की असली Tribal Art में ज्योमेट्रिक पैटर्न और nature-बेस्ड डिजाइन (जैसेcow, birds, elephants, plants) का उपयोग होता है। यदि डिजाइन में इनका उपयोग नहीं हो रहा है, तो वह नकली हो सकती है।
5. क्षेत्रीय उत्पत्ति के संकेत
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सोहराई: दुमका, गोदा और पलामू जिले
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खोवर: दुमका और गोदा जिले
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पैटकर: रायगुंज जिले
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धोकरा: झारखंड के कई जिले
6. Craftsmanship के संकेत
असली कला में craftsmanship की गुणवत्ता अच्छी होती है। डिजाइन सपाट और ठीक होते हैं।
7. GI टैग का प्रमाण
झारखंड की सोहराई और खोवर पेंटिंग GI टैग (Geographical Indication) प्राप्त हैं। यदि कला पर GI टैग का प्रमाण नहीं है, तो वह नकली हो सकती है।
8. बाजार की कीमत
असली कला की कीमत उच्च होती है। यदि कला की कीमत बहुत कम है, तो वह नकली हो सकती है।
9. कलाकार की जानकारी
असली कला में कलाकार की जानकारी (नाम, जिले, जनजाति) या ब्राण्ड का नाम दी जाती है। यदि जानकारी नहीं दी जाती है, तो वह नकली हो सकती है।
10. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता
ऑनलाइन खरीदारी में विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से खरीदें। यदि प्लेटफॉर्म विश्वसनीय नहीं है, तो वह नकली हो सकती है।
नकली/इमिटेशन कला के सामान्य रिड फ्लेग्स
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सिंथेटिक या केमिकल रंगों का उपयोग
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कलाकार का हस्ताक्षर नहीं है
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डिजाइन में गलतियां या असमानता
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GI टैग का प्रमाण नहीं है
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बाजार की कीमत बहुत कम है
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कलाकार की जानकारी नहीं दी जाती है
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विश्वसनीय नहीं होने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदारी
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nature-बेस्ड या ज्योमेट्रिक मोटिफ्स का उपयोग नहीं हो रहा है
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क्षेत्रीय उत्पत्ति के संकेत नहीं हैं
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craftsmanship की गुणवत्ता अच्छी नहीं है
कलाकार कीcredentials की पुष्टि कैसे करें
1. कलाकार की जानकारी मांगें
कलाकार से नाम, जिला, जनजाति और संपर्क जानकारी मांगें।
2. GI टैग की पुष्टि
GI टैग की पुष्टि करने के लिए Geographical Indications Registry की वेबसाइट पर जाएं।
3. सरकारी प्रमाणपत्र
कलाकार से सरकारी प्रमाणपत्र मांगें जो उनकीcredentials की पुष्टि करता हो।
4. ऑनलाइन रीडिंग
कलाकार के बारे में ऑनलाइन रीडिंग करें और उनकी credentials की पुष्टि करें।
झारखंड की Tribal Art को सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं
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जनजातीय कलाकारों को सीधे समर्थन दें: झारखंड की Tribal Art खरीदकर कलाकारों को सीधे समर्थन दें
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सांस्कृतिक महत्व को जानें: इन कलाओं की उत्पत्ति और सांस्कृतिक महत्व को जानें और अपने मित्रों को बताएं
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आधुनिक उत्पादों में इनका उपयोग: होम डेकोर, फैंशन और अन्य उत्पादों में झारखंड की Tribal Art का उपयोग करें
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सोशल मीडिया पर प्रचार करें: झारखंड की Tribal Art की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करें और इनकी मांग बढ़ाएं
झारखंड की Tribal Art को सुरक्षित रखना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। आइए, इन अनोखी Tribal Art को सुरक्षित रखें और अपने बच्चों को भी इनकी जानकारी दें।
FAQ: झारखंड की Tribal Art
प्रश्न 1: सोहराई पेंटिंग असली कैसे पहचानें?
उत्तर: सोहराई पेंटिंग असली है यदि वह प्राकृतिक रंगों (लाल ओकर, पीला ओकर, काला मैंगनेस, सफेद कौलिन क्ले) का उपयोग करती है, कलाकार का हस्ताक्षर है, और GI टैग का प्रमाण है।
प्रश्न 2: खोवर पेंटिंग में असली और नकली का अंतर कैसे करें?
उत्तर: खोवर पेंटिंग में असली और नकली का अंतर करने के लिए प्राकृतिक रंगों (काला मैंगनेस, सफेद कौलिन क्ले) का उपयोग, कलाकार का हस्ताक्षर, और GI टैग का प्रमाण देखें।
प्रश्न 3: झारखंड की Tribal Art कहाँ से खरीदें?
उत्तर: झारखंड की Tribal Art सरकारी एम्पोरियम (झारखंड हस्तशिल्प बिक्री निगम), मान्यता प्राप्त गैलरी, विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Bluekart, Etsy, Amazon Handmade), और जनजातीय सहकारी संगठन से खरीदें।
प्रश्न 4: धोकरा कला असली कैसे पहचानें?
उत्तर: धोकरा कला असली है यदि वह प्राकृतिक सामग्री (मिट्टी, ब्रोन्ज, अन्य धातुएं) का उपयोग करती है, कलाकार का हस्ताक्षर है, और craftsmanship की गुणवत्ता अच्छी है।
झारखंड की Tribal Art: त्वरित चेकलिस्ट
| संकेत | असली कला | नकली कला |
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